RRT News: जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान, बाढ़ और अनियमित बारिश के कारण पानी में पनपने वाले बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों का खतरा बढ़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर 5 साल से कम उम्र के बच्चों पर पड़ सकता है, जिनमें जलजनित संक्रमण और डायरिया जैसी बीमारियों का जोखिम अधिक रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी और खराब स्वच्छता की स्थिति में बैक्टीरिया तेजी से फैल सकते हैं। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे संक्रमण का आसानी से शिकार बनते हैं। सुरक्षित पेयजल, हाथों की नियमित सफाई, भोजन की स्वच्छता और बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से बचाव जैसी सावधानियां संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहद जरूरी हैं। यदि बच्चों में लगातार दस्त, उल्टी, बुखार या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।








