रायपुर: राजधानी के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड में हुई एक अनहोनी के बाद हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उम्मेद सिंह और एसडीएम समेत जिला प्रशासन का पूरा अमला तुरंत मौके पर पहुँचा। अधिकारियों ने प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों और घटना के कारणों का बारीकी से मुआयना किया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर और एसपी ने किया मौका मुआयना
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्लांट के अधिकारियों से घटना के संबंध में कड़ी पूछताछ की। उन्होंने प्लांट के उस हिस्से का भी निरीक्षण किया जहां हादसा हुआ था। एसएसपी ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की। प्रशासन की इस सक्रियता ने साफ संकेत दिया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले प्रबंधन पर सख्त गाज गिर सकती है।
उच्च स्तरीय जांच और SDM को निर्देश
कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम को आदेश दिया गया है कि वह 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:
क्या प्लांट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे?
क्या मशीनों का नियमित रखरखाव (Maintenance) किया जा रहा था?
घटना के समय सुरक्षा मानकों (SOP) का पालन किया गया था या नहीं?
इंडस्ट्रियल सेफ्टी ऑडिट के घेरे में प्लांट
औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों के बीच प्रशासन अब 'इंडस्ट्रियल सेफ्टी ऑडिट' पर जोर दे रहा है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि यदि जांच में प्रबंधन की चूक पाई गई, तो रियल इस्पात प्लांट के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (यदि जनहानि हुई है) या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
मजदूरों और परिजनों में आक्रोश
घटना के बाद से प्लांट के भीतर और बाहर तनाव की स्थिति बनी रही। मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।








