जांजगीर-चांपा: रिश्तों के कत्ल और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक पिता, जिसे अपने बच्चे का ढाल होना चाहिए था, वही उसका काल बन गया। घटना के पीछे की वजह पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद बताया जा रहा है। आरोपी की पत्नी पिछले एक साल से अपने मायके में रह रही थी और बार-बार बुलाने के बावजूद वापस नहीं लौट रही थी, जिसका खामियाजा मासूम बच्चे को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति अपनी पत्नी के दूर रहने और घर न लौटने के कारण गहरे मानसिक तनाव और गुस्से में था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कई बार अपनी पत्नी को मनाने और वापस लाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। इसी हताशा और प्रतिशोध की भावना में अंधे होकर उसने अपने 5 साल के मासूम बेटे पर जानलेवा हमला कर उसे मौत की नींद सुला दिया। इस खौफनाक कदम को उठाने के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और बताया कि वह अपनी पत्नी को सबक सिखाना चाहता था, लेकिन उसकी इस सनक ने एक हंसते-खेलते मासूम का जीवन हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि पारिवारिक विवादों में अक्सर बच्चों को 'हथियार' के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जो इस तरह की हिंसक घटनाओं का रूप ले लेता है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में किसी और की भी संलिप्तता थी। आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है, जबकि मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।








