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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में CRPF जवान ने लगाई फांसी, 3 महीने में 8 सुरक्षाकर्मियों ने की आत्महत्या

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक आरक्षक ने सोमवार को कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गीदम थाना क्षेत्र के जवांगा इलाके में सीआरपीएफ की 231 वीं बटालियन के मुख्यालय में आरक्षक जसवीर सिंह (46) ने अपनी जान दे दी।

उन्होंने बताया कि सिंह का शव बटालियन मुख्यालय में धोबी की दुकान में फंदे से लटका मिला। सिंह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का निवासी था। अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने यह कदम क्यों उठाया, इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के साथ ही पिछले लगभग तीन महीनों में राज्य में आठ सुरक्षाकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं जिनमें से चार सीआरपीएफ के थे। इससे पहले आठ सितंबर को राज्य के सुकमा जिले में सीआरपीएफ के एक प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी बंदूक से कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
इस घटना के साथ ही पिछले लगभग तीन महीनों में राज्य में आठ सुरक्षाकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं जिनमें से चार सीआरपीएफ के थे। इससे पहले आठ सितंबर को राज्य के सुकमा जिले में सीआरपीएफ के एक प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी बंदूक से कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
जुलाई में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार ने बताया था कि राज्य में (2019 से 15 जून, 2025 के बीच) साढ़े छह वर्षों में 177 सुरक्षाकर्मियों ने पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं, शराब की लत तथा बीमारियों सहित विभिन्न कारणों से आत्महत्या की। इनमें से 26 जवान सीआरपीएफ के थे, जो नक्सल विरोधी अभियानों के लिए दक्षिण छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में तैनात हैं।







