छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बचेली इलाके में दो साल पहले हुई एक वृद्ध की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसे पहले एक सामान्य मौत या हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल मुआवजे की राशि के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पोते ने ही अपने दादा की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी ताकि एनएमडीसी (NMDC) द्वारा जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाली लाखों रुपये की मुआवजा राशि उसे मिल सके। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना साल 2022 की है, जब वृद्ध अचानक मृत पाए गए थे। उस समय मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। हालांकि, पुलिस को लगातार कुछ इनपुट मिल रहे थे कि वृद्ध की मौत स्वाभाविक नहीं थी। संदेह की सुई तब पोते की ओर घूमी जब वह मुआवजे के पैसों को लेकर अत्यधिक सक्रियता दिखाने लगा। दंतेवाड़ा पुलिस ने मामले की फाइल दोबारा खोली और वैज्ञानिक साक्ष्यों व स्थानीय पूछताछ के आधार पर कड़ियाँ जोड़ीं, जिससे हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ।
आरोपी पोते ने पूछताछ में कबूल किया कि उसे डर था कि उसके दादा मुआवजे की रकम किसी और को दे सकते हैं या उसे हिस्सा नहीं मिलेगा। इसी लालच में उसने योजनाबद्ध तरीके से वृद्ध की हत्या कर दी और इसे प्राकृतिक मौत का रूप देने की कोशिश की। आरोपी ने सोचा था कि दो साल बीत जाने के बाद वह कानून की गिरफ्त से बच जाएगा, लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई तफ्तीश ने उसके 'परफेक्ट मर्डर' के प्लान को नाकाम कर दिया।
दंतेवाड़ा एसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और पैसों के लिए अपनों के खून के प्यासे होने की कड़वी सच्चाई को बयां करती है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में अन्य संभावित मददगारों की भी जांच कर रही है जिन्होंने साक्ष्य छिपाने में आरोपी की मदद की होगी। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।








