धमतरी: जिले के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक 'घड़ी चौक' पर आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय व्यापारियों और सड़क किनारे सब्जी का पसरा लगाने वाले विक्रेताओं के बीच विवाद हिंसक मोड़ लेने लगा। सब्जी विक्रेताओं ने बीच सड़क पर बैठकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। विवाद की जड़ दुकान के सामने पसरा लगाने और ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने को लेकर बताई जा रही है।
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि सब्जी विक्रेताओं द्वारा सड़कों पर अवैध कब्जा करने से न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि उनकी दुकानों के सामने गंदगी और भीड़ जमा होने से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर, सब्जी विक्रेताओं का तर्क है कि वे वर्षों से यहाँ अपना व्यापार कर रहे हैं और प्रशासन द्वारा उन्हें कोई व्यवस्थित वैकल्पिक स्थान (Vending Zone) उपलब्ध नहीं कराया गया है। विक्रेताओं ने मांग की है कि जब तक उन्हें स्थाई जगह नहीं मिलती, उन्हें यहीं कारोबार करने दिया जाए।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुँची। प्रदर्शनकारी विक्रेताओं को सड़क से हटाने की कोशिश की गई, लेकिन वे उचित जगह की मांग को लेकर अड़े रहे। विवाद इतना बढ़ गया कि व्यापारियों और विक्रेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि मुख्य मार्ग को बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धमतरी नगर निगम के अधिकारियों ने मामले में मध्यस्थता करते हुए विक्रेताओं को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं पर विचार किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों और सड़कों पर अवैध पसरा लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। व्यापारियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि घड़ी चौक को 'नो वेंडिंग जोन' घोषित कर यहाँ से अतिक्रमण स्थाई रूप से हटाया जाए।
फिलहाल, चौक पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही सब्जी विक्रेताओं के लिए किसी सुव्यवस्थित बाजार की व्यवस्था नहीं की, तो यह विवाद आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप ले सकता है। व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि सड़कें साफ नहीं हुईं, तो वे भी विरोध प्रदर्शन को मजबूर होंगे।








