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Dhamtari Seva Sankalp News: 17 सितंबर को 10 लाख दीयों से जगमगाएगा धमतरी, प्रदेशभर में होंगे दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम

Chhattisgarh 12 September 2026

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रायपुर/धमतरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा, समर्पण और जनकल्याणकारी यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। एक माह तक चलने वाला यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और जनजागरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

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सभी जिलों में 17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलन

राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए धमतरी जिले में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान को व्यापक जनभागीदारी से सफल बनाने और समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के संचालन के लिए टास्क फोर्स समिति गठित की गई है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं। अभियान के पहले दिन 17 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धमतरी में जलेंगे करीब 10 लाख दीये

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत धमतरी जिले में करीब 10 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर और महानदी घाट में होगा।

इसके अलावा सिहावा के कर्णेश्वर महादेव मंदिर, गंगरेल के अंगारमोती माता मंदिर, धमतरी के विंध्यवासिनी माता मंदिर सहित जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। पीएम जनमन आवासों, अटल आवासों और आम नागरिकों के घरों में भी दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया जाएगा।

जनभागीदारी से अभियान को मिलेगा व्यापक स्वरूप

टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर को अपने घरों में दीप जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिला समूहों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से अभियान की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों को गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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