Breaking
- Cyber Crime News: मोबाइल गुम होने के बाद खाते से 5.12 लाख रुपये गायब, UPI के ...
- Raipur Janmashtami News: जन्माष्टमी महोत्सव में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा, ब...
- Chhattisgarh Teachers Day News: शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने गुरुजनों को...
- Development News: रिंग रोड से केलो रिवर फ्रंट तक विकास परियोजनाओं की रफ्तार ब...
- Bastar Education News: नक्सल प्रभावित इलाकों में फिर गूंजी स्कूलों की घंटी, श...
- Crime News: पानी के छींटे को लेकर हुआ विवाद बना हत्या की वजह, नाबालिग ने हथौड...
- Electricity News: बकाया बिजली बिल पर विधायक चैतराम अटामी के आवास की कटी बिजली...
- Korba Road News: जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों का प्रदर्शन, बारिश के बीच चक्...
- साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, कृषि विश्वविद्यालय में हुई विशेष कार...
- Raipur Recruitment News: सरकारी विभागों में खाली पदों पर भर्ती की समीक्षा, मु...
डॉ. तीजन बाई की स्मृति में बड़ा ऐलान: हर साल मिलेगा राज्य सम्मान, गनियारी बनेगा ‘कलाग्राम’

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्वभर में पहचान दिलाने वाली पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को बुधवार को रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में आयोजित भव्य सांगीतिक श्रद्धांजलि समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

तीन बड़ी घोषणाएं
श्रद्धांजलि समारोह में संस्कृति मंत्री ने घोषणा की कि—
डॉ. तीजन बाई के नाम पर पंडवानी कला में प्रतिवर्ष राज्य सम्मान प्रदान किया जाएगा।
उनके गृहग्राम गनियारी को ‘कलाग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
उनके प्रिय तंबूरे को महंत घासीदास संग्रहालय में संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनकी विरासत से प्रेरणा ले सके।
परिवार को मिली आर्थिक सहायता
कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. तीजन बाई की पुत्रवधू वेणु देशमुख को एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया। परिवार ने इस सम्मान के लिए राज्य सरकार और संस्कृति विभाग का आभार व्यक्त किया।
पंडवानी से दी गई संगीतमय श्रद्धांजलि
समारोह की शुरुआत लोक कलाकार पुष्पा निषाद के पंडवानी गायन से हुई। इसके बाद तीजन बाई की शिष्याओं तरूणा साहू, आराध्या साहू, दुर्गा साहू तथा कलाकार दुष्यंत द्विवेदी ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर अपनी गुरु को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और कला यात्रा पर आधारित विशेष ब्रोशर का विमोचन और वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया गया।
भारत रत्न और विश्वविद्यालय की उठी मांग
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कलाकारों और साहित्यकारों ने डॉ. तीजन बाई को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने तथा उनके नाम पर पंडवानी एवं सांस्कृतिक विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी।
कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति जगत की अनेक हस्तियों और बड़ी संख्या में कला प्रेमियों ने भाग लेकर डॉ. तीजन बाई की कला साधना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच तक पहुंचाने में उनके योगदान को याद किया।







