Chhattisgarh। माओवादियों के बीच करीब 11 साल तक रहने वाली फगनी ने संगठन की अंदरूनी दुनिया को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि जंगलों में माओवादी किस तरह अपनी अलग व्यवस्था चलाते हैं और वहां रहने वाले लोगों को किस तरह ट्रेनिंग दी जाती है।
फगनी के अनुसार माओवादी कैंपों में नए लोगों को सबसे पहले हथियार चलाने और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें जंगल में रहने, छिपकर हमला करने और सुरक्षा बलों से बचने के तरीके भी सिखाए जाते हैं।
उसने यह भी बताया कि माओवादी संगठन के भीतर नेताओं और सामान्य कैडरों की जिंदगी अलग-अलग होती है। बड़े नेताओं को ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं, जबकि सामान्य सदस्यों को कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता है।
फगनी के इन खुलासों के बाद माओवादी संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर कई नई बातें सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी इन जानकारियों को महत्वपूर्ण मानते हुए नक्सल गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।








