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गरियाबंद में कड़ाके की ठंड का कहर: स्कूलों के समय में हुआ बड़ा बदलाव, कलेक्टर ने 3 जनवरी तक जारी किया नया आदेश...

EDUCATION RRT News Desk 17 December 2025

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। जिले में लगातार गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर ने छात्रहित में आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया है।

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प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह संशोधित समय-सारणी आगामी 3 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। जिला प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके बीमार होने का खतरा बढ़ गया था। इस नए आदेश से प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।

दो पालियों (Double Shift) में संचालित होने वाले स्कूलों के लिए निर्धारित समय के तहत, प्रथम पाली सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी। वहीं, दूसरी पाली का समय दोपहर 12:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक तय किया गया है। शनिवार के दिन दोनों पालियों के लिए समय दोपहर 12:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक ही रखा गया है, ताकि ठंड के प्रभाव को कम किया जा सके।

एक पाली (Single Shift) में चलने वाले स्कूलों के लिए भी समय में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। सोमवार से शुक्रवार तक ये स्कूल अब सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे। हालांकि, शनिवार के लिए समय थोड़ा अलग रखा गया है, जिसमें स्कूल सुबह 8:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 12:00 बजे छुट्टी कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को इस समय-सारणी का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।

अंत में, जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय गर्म कपड़ों और ठंड से बचाव के अन्य पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन न करे।

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