Breaking
- Education News: 45 हजार स्कूलों में महज 2,800 व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षकों ...
- Pension Update: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय पेंशनरों को बढ़ी महंगाई राहत, 1 जनवर...
- Korba News: बाल विवाह रोका, लेकिन 15 साल की नाबालिग बनी मां; निगरानी व्यवस्था...
- Parenting Tips: बच्चों की पहुंच से तुरंत दूर करें घर की ये 6 चीजें, छोटी लापर...
- Women Empowerment: रक्षाबंधन से पहले 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुं...
- Raipur Development: भाठागांव में 11.69 लाख की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन, विधा...
- Hockey League: छत्तीसगढ़ में पहली राज्य स्तरीय प्रोफेशनल हॉकी लीग, 6 टीमें दि...
- E-Bus Service: रायपुर समेत 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, रूट से ल...
- Women Empowerment: महतारी वंदन से प्रेमलता ने संवारा रोजगार, आत्मनिर्भरता की ...
- Nava Raipur News: नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकस...
धमतरी में फर्जीवाड़ा: फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 8 प्रधान पाठक बर्खास्त

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जांच के बाद 8 प्रधान पाठकों (Head Teachers) को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन शिक्षकों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी जाति और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में न केवल प्रवेश पाया, बल्कि सालों तक पदोन्नति का लाभ लेकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब विभाग को इन शिक्षकों के दस्तावेजों के संदिग्ध होने की शिकायत मिली। राज्य सरकार के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने जब इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया, तो पाया गया कि इन्होंने कूटरचित (Fake) दस्तावेजों का सहारा लिया था। बर्खास्त किए गए शिक्षक जिले के विभिन्न ब्लॉकों के शासकीय प्राथमिक शालाओं में पदस्थ थे। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन शिक्षकों ने नियुक्ति के समय जो दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, वे रिकॉर्ड में कहीं मेल नहीं खा रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बर्खास्तगी तक सीमित नहीं रहेगी। शासन के नियमों के तहत इन सभी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि धोखाधड़ी के मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही, इनके द्वारा अब तक लिए गए वेतन की वसूली पर भी विचार किया जा रहा है।
धमतरी कलेक्टर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि सरकारी सेवाओं में शुचिता और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अभी कई और संदिग्ध शिक्षकों की फाइलें जांच के दायरे में हैं। विभाग आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी नियुक्तियों और पदोन्नति के दस्तावेजों की स्क्रूटनी कर सकता है, जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले अन्य कर्मियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले न केवल योग्य उम्मीदवारों का हक मारते हैं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता से भी खिलवाड़ करते हैं। फिलहाल, इन 8 प्रधान पाठकों की बर्खास्तगी के बाद रिक्त हुए पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।






