Breaking

छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'गोडसे' की एंट्री: मंत्री टंकराम वर्मा का विवादित बयान, कहा- "वे राष्ट्रवादी व्यक्ति थे"

Political RRT News Desk 08 January 2026

post

रायपुर, 8 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर नाथूराम गोडसे के नाम पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने गोडसे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि "गोडसे एक राष्ट्रवादी व्यक्ति थे।" उनके इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के आसार बन गए हैं।

Advertisement

मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने बयान में तर्क दिया कि गोडसे के कार्यों और उनके विचारों को अलग परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गोडसे ने जो कुछ भी किया, उसके पीछे उनकी अपनी राष्ट्रभक्ति की भावना थी। हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन गोडसे की राष्ट्र के प्रति सोच को नकारा नहीं जा सकता। छत्तीसगढ़ की राजनीति में महात्मा गांधी और गोडसे को लेकर पहले भी बहस छिड़ती रही है, लेकिन कैबिनेट मंत्री के स्तर से आया यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को 'राष्ट्रवादी' कहना न केवल गांधी जी का अपमान है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और मंत्री टंकराम वर्मा को पद से हटाएँ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र से ठीक पहले आए इस बयान से विधानसभा में भी हंगामा हो सकता है।

यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ में गोडसे को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले रायपुर में आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज द्वारा दिए गए बयानों पर भी भारी बवाल मचा था। अब सीधे कैबिनेट मंत्री के मुख से गोडसे की प्रशंसा ने आग में घी डालने का काम किया है। भाजपा के कुछ नेताओं ने इस पर चुप्पी साध रखी है, वहीं कुछ इसे मंत्री का व्यक्तिगत विचार बता रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पार्टी ने अभी तक इस बयान से दूरी बनाए रखी है।

आगामी दिनों में यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ ले सकता है। जहाँ भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने एजेंडे पर आगे बढ़ती दिख रही है, वहीं कांग्रेस इसे 'गांधी बनाम गोडसे' की लड़ाई बनाकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। मंत्री टंकराम वर्मा के इस बयान के बाद प्रदेश भर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन होने की भी संभावना जताई जा रही है।

You might also like!