रायपुर, 7 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के मंत्रियों के साथ वन-टू-वन समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देना और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 'विकसित छत्तीसगढ़' के विजन को धरातल पर उतारना है।
वित्त मंत्री ने बैठकों के दौरान स्पष्ट किया कि इस बार का बजट न केवल लोक-लुभावन होगा, बल्कि आर्थिक सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित रहेगा। 6 जनवरी से शुरू हुआ यह बैठकों का सिलसिला 9 जनवरी तक चलेगा, जिसमें हर विभाग की नई योजनाओं, लंबित परियोजनाओं और वित्तीय आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बजट में उन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन स्तर में सुधार ला सकें।
बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठकों में राजस्व, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कृषि विभाग के बजट प्रस्तावों पर गहन मंथन किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय मंत्रियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना है ताकि राज्य के ऋण भार को कम करते हुए विकास की गति को बढ़ाया जा सके। इस दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार और किसानों की आय दोगुनी करने से जुड़ी नई योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक गलियारों और आम जनता में भी काफी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि सरकार इस बार 'डिजिटल छत्तीसगढ़' और 'युवा रोजगार' के लिए बड़े प्रावधान कर सकती है। इसके अलावा, बिलासपुर और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए अलग से रोडमैप तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट पिछले वर्षों की तुलना में अधिक निवेशोन्मुखी (Investment-oriented) होगा।
बैठकों के समापन के बाद वित्त विभाग बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू करेगा। सूत्रों के अनुसार, फरवरी के अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह में वित्त मंत्री विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश कर सकते हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज साबित होगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।








