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Indore Cyber Fraud: ऑनलाइन कमाई का चस्का पड़ा भारी, इंदौर में मेडिकल छात्र से ₹15 लाख की ठगी

इंदौर, मध्य प्रदेश: डिजिटल दौर में साइबर अपराधी अब पढ़े-लिखे युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से सामने आया है, जहाँ एक मेडिकल छात्र ऑनलाइन टास्क के जरिए मोटी कमाई करने के लालच में ₹15 लाख गंवा बैठा। ठगों ने छात्र को घर बैठे आसान काम के बदले भारी मुनाफे का झांसा दिया और धीरे-धीरे उससे बड़ी रकम निवेश करा ली।

पीड़ित छात्र इंदौर के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। घटना की शुरुआत एक टेलीग्राम मैसेज से हुई, जिसमें उसे 'पार्ट-टाइम जॉब' का ऑफर दिया गया। शुरुआत में छात्र को कुछ आसान टास्क दिए गए, जैसे यूट्यूब वीडियो लाइक करना और रिव्यू देना। विश्वास जीतने के लिए ठगों ने छात्र के खाते में कुछ सौ रुपये का 'प्रॉफिट' भी भेजा, जिससे छात्र उनके झांसे में आ गया।
जैसे ही छात्र का भरोसा बढ़ा, ठगों ने उसे 'प्रीमियम टास्क' और 'क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट' का लालच दिया। ज्यादा रिटर्न के चक्कर में छात्र ने अपनी जमापूंजी और कुछ पैसे उधार लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल ₹15 लाख ठगों के बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब छात्र ने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी।
संदेह होने पर जब छात्र ने पैसे वापस मांगे, तो जालसाजों ने उससे संपर्क तोड़ लिया और उसे टेलीग्राम ग्रुप से ब्लॉक कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत इंदौर की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
इंदौर पुलिस की साइबर विंग अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये खाते फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए 'म्यूल अकाउंट्स' हो सकते हैं। पुलिस ने युवाओं और छात्रों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने जॉब ऑफर्स और 'क्विक मनी' स्कीम्स से सावधान रहें।







