Breaking
- Murder Case Verdict: ससुर को करंट लगाकर मारने वाली बहू और प्रेमी को उम्रकैद, ...
- Cyclone Arnab Threat: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' को लेकर क...
- Raipur News: रायपुर के 16 हजार छात्रों की 'अपार आईडी' नहीं बनने से भविष्य पर ...
- Aaj Ka Rashifal 27 October 2026: चंद्रमा का मेष से वृष राशि में गोचर, जानिए म...
- Gold-Silver Price Today: त्योहारी सीजन में चमकी चमक, सोने और चांदी की कीमतों ...
- Mann Ki Baat 139th Episode: 'मन की बात' देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड...
- Cyclonic Storm Alert Chhattisgarh: चक्रवाती तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में भार...
- Korba Bike Fire News: कोरबा में गैरेज में रिपेयरिंग के दौरान बाइक में लगी भीष...
- NMDC Free Ambulance Service Bastar: बस्तर के दुर्गम गांवों के मरीजों के लिए N...
- Chhattisgarh Tax Tech Summit 2026: दुर्ग में 'छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट' का सफ...
ITI कांड: ट्रेनिंग के नाम पर छात्रों से मजदूरी, हादसे में कटी उंगलियां, प्राचार्य पर गिरी गाज

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी ITI का एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने आए छात्रों से पढ़ाई के बजाय मजदूरी करवाई जा रही थी। इस घोर लापरवाही का परिणाम तब सामने आया जब मशीन पर काम के दौरान एक छात्र का हाथ फंस गया और उसकी पांचों उंगलियां कट गईं। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यावसायिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी है।

घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने संस्थान परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों का आरोप है कि उन्हें ट्रेनिंग की आड़ में संस्थान परिसर में श्रमसाध्य मजदूरी का काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिससे उनका भविष्य और स्वास्थ्य दोनों दांव पर लगे थे। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया और पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्थान के प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश भी दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किसके आदेश और किन परिस्थितियों में छात्रों से मजदूरी कराई जा रही थी। यह निलंबन कार्रवाई भले ही प्रशासन की जवाबदेही तय करने का प्रयास हो, लेकिन इस घटना ने व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों की कार्यसंस्कृति पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।







