छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया। आरोपियों ने न केवल मासूम की अस्मत लूटी, बल्कि वारदात के बाद अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसका गला घोंटकर उसे जान से मारने की भी कोशिश की। पीड़िता को मरणासन्न हालत में छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस जघन्य अपराध ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है और आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब किशोरी अपने घर के पास किसी काम से निकली थी, तभी आरोपियों ने उसे जबरन पकड़ लिया और सूनसान इलाके में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। जब किशोरी ने विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की, तो दरिंदों ने उसका गला दबा दिया ताकि वह फिर कभी बोल न सके। गनीमत रही कि समय रहते शोर सुनकर या हलचल महसूस कर ग्रामीण वहां पहुँचे, जिससे किशोरी की जान बच गई। उसे तुरंत गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। जिले के आला अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।








