छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में हुए एक सनसनीखेज 'अंधे कत्ल' की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, क्योंकि मौके पर कोई चश्मदीद या ठोस सुराग मौजूद नहीं था। हालांकि, कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस जब संदिग्ध तक पहुंची, तो हत्या की जो वजह सामने आई उसने सबको चौंका दिया। आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह कदम किसी लालच में नहीं, बल्कि अपने परिवार के सम्मान की रक्षा के लिए उठाया था।
आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि मृतक पिछले काफी समय से उसके घर की महिला पर बुरी नजर रख रहा था। इतना ही नहीं, मृतक अक्सर आरोपी को नीचा दिखाने और उसे सरेआम अपमानित करने की कोशिश करता था। आरोपी का कहना है कि उसने कई बार उसे समझाने और चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन मृतक की हरकतें बढ़ती ही जा रही थीं। अंततः, अपने आत्मसम्मान और परिवार की सुरक्षा को खतरे में देख आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।
वारदात की रात, आरोपी ने मृतक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहाँ दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद आरोपी ने अपना आपा खो दिया और घातक हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी ने बड़ी चालाकी से शव को छिपा दिया और सामान्य जीवन जीने लगा ताकि किसी को शक न हो। पुलिस की सायबर सेल और स्थानीय मुखबिरों की सक्रियता ने आरोपी के इस 'परफेक्ट मर्डर' के प्लान को नाकाम कर दिया।
खैरागढ़ एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और मृतक के पिछले विवादों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। वर्तमान में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि कैसे व्यक्तिगत रंजिश और घरेलू विवाद उग्र होकर हिंसक अपराध का रूप ले रहे हैं।








