Mainpat | सरगुजा: अगर आप इस विंटर वेकेशन और 31st सेलिब्रेशन में बर्फ की चादर से ढकी जमीन, कड़ाके की ठंड और पहाड़ों जैसा अनुभव लेना चाहते हैं, लेकिन शिमला-मनाली नहीं जाना चाहते, तो छत्तीसगढ़ का मैनपाट (Mainpat) आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट को छत्तीसगढ़ का मिनी शिमला और मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यह हिल स्टेशन अपनी ठंडी हवाओं, घने जंगलों, झरनों, रहस्यमयी प्राकृतिक घटनाओं और तिब्बती संस्कृति के लिए जाना जाता है।
मैनपाट बना सबसे ठंडा इलाका
इन दिनों मैनपाट में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह के समय खेतों और घास पर पाले की सफेद चादर जम जाती है, जो पर्यटकों के लिए किसी बर्फीली वादी से कम नहीं लगती। नालों के पास बर्फ जमी नजर आती है, जिससे ठंड और बढ़ जाती है। हालांकि दिन में 10–11 बजे के बाद मौसम कुछ सामान्य हो जाता है।
ठंड के बावजूद यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
यहाँ उल्टा बहता है पानी
मैनपाट की सबसे रहस्यमयी खासियत है यहाँ का उल्टा बहता पानी, जो ढलान के विपरीत ऊपर की ओर बहता हुआ प्रतीत होता है। यह दृश्य लोगों को हैरान कर देता है और दूर-दूर से पर्यटक इसे देखने आते हैं।
न्यूट्रल में भी ऊपर चढ़ती हैं गाड़ियाँ
यहां लेह-लद्दाख जैसी चुंबकीय पहाड़ी का अनुभव भी मिलता है। गाड़ी को न्यूट्रल में छोड़ने पर वह अपने आप ऊपर की ओर खिसकती नजर आती है।
स्पंजी और कंपन वाली जमीन
मैनपाट में एक अनोखी जगह है, जहां जमीन प्राकृतिक ट्रैम्पोलिन की तरह महसूस होती है। चलने पर जमीन हिलती और कंपन करती है, जो बच्चों और पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव बन जाती है।
छत्तीसगढ़ का मिनी तिब्बत
मैनपाट को “मिनी तिब्बत” भी कहा जाता है। यहां बसे तिब्बती शरणार्थियों के कारण तिब्बती संस्कृति, रहन-सहन, ऊनी वस्त्र और बौद्ध मठ (कैंप नंबर-1) प्रमुख आकर्षण हैं।
मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थल
* टाइगर प्वाइंट: मनोरम घाटियों और सनसेट के लिए प्रसिद्ध
* सरभंजा जलप्रपात: प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर झरना
* मछली प्वाइंट: मछली जैसे आकार के पत्थरों के लिए मशहूर
* टिंटिनी पत्थर: छूने पर घंटी जैसी आवाज करता है
* नदियों का उद्गम: रिहंद और मांड नदी का उद्गम स्थल
* मैनपाट महोत्सव: सांस्कृतिक कार्यक्रम और एडवेंचर स्पोर्ट्स
* कालीन और पामेरियन कुत्ते: यहां की खास पहचान
मैनपाट कहां स्थित है?
मैनपाट, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित है।
यह अंबिकापुर से लगभग 55–75 किलोमीटर दूर है।
कैसे पहुंचें?
* अंबिकापुर से: लगभग 55 किमी
* रायपुर से: लगभग 350 किमी
सड़क मार्ग से मैनपाट आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मैनपाट घूमने का सबसे अच्छा समय
नवंबर से मार्च का समय मैनपाट घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
इस दौरान मौसम ठंडा, आसमान साफ और हरियाली से भरपूर रहता है I








