खनिज विभाग और राजस्व अमले की संयुक्त टीम ने पीथमपुर घाट पर दी दबिश, ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में छोड़कर भागे चालक
जांजगीर-चांपा। हसदेव नदी किनारे लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर आखिरकार प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। शनिवार की सुबह खनिज विभाग और राजस्व अमले की संयुक्त टीम ने पीथमपुर रेत घाट पर औचक छापा मारा। टीम को देखते ही मौके पर भगदड़ मच गई, और कई वाहन चालक अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में ही छोड़कर भागने को मजबूर हो गए।
कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन
यह कार्रवाई कलेक्टर जन्मेजय महोबे के सख्त निर्देश पर की गई। खनिज अधिकारी अनिल साहू के नेतृत्व में टीम ने घाट पर दबिश देकर मौके से 10 ट्रैक्टर, ट्रॉली और इंजन जब्त किए। जब्त किए गए वाहनों को कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्रशासन ने पकड़े गए चालकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम की धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
रेत माफिया और "चिल्हर खनन" पर विशेष निगरानी
स्थानीय सूत्रों की जानकारी के अनुसार, कुछ ग्राम पंचायतें रेत माफियाओं के साथ मिलीभगत कर उत्खनन को बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा, कई स्थानीय ट्रैक्टर चालक भी "चिल्हर खनन" (छोटे पैमाने पर अवैध खनन) के जरिए रेत निकालने के काम में जुटे हुए हैं। विभाग ने अब ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है, ताकि नदी और सरकारी राजस्व को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।








