इन्दौर। स्मार्ट और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के उद्देश्य से इंदौर नगर में ई-रिक्शा सेवा को अब नए ढांचे में ढाला जाने जा रहा है। प्रशासन ने फैसला लिया है कि शहर के ई-रिक्शा संचालन को सात अलग सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। इस नए सिस्टम को अगले 30 दिनों के भीतर लागू कर दिया जाएगा, ताकि चालकों और यात्रियों दोनों के लिए सेवा और अधिक सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी हो सके।
नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?
नए प्रस्ताव के तहत पूरे शहर को सात सेक्टरों में डिवाइड किया जाएगा। हर सेक्टर के लिए अलग-अलग मार्ग और संचालन नियम तय होंगे। ई-रिक्शा चालकों को उनके सेक्टर के अनुसार पहचान चिन्ह और यूनिक कोड दिए जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वह केवल अपने निर्धारित क्षेत्र में ही यात्रियों को सेवा दे सकता है।
फायदा क्या रहेगा?
प्रशासन का मानना है कि इससे:
ई-रिक्शा सर्विस का नियमित संचालन होगा
चालकों की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी
पुलिस निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण आसान होगा
यात्रियों को सही मार्ग और भरोसेमंद सेवा मिलेगी
इससे इंदौर की सड़कों पर ई-रिक्शा के乱乱 प्रदर्शन और अनियंत्रित रोपिंग जैसे मुद्दों से भी निजात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
30 दिन में पूरा होगा सिस्टम
शहर प्रशासन का कहना है कि अगले 30 दिनों के भीतर पूरी योजना को लागू करने का लक्ष्य है। प्रारंभिक चरण में चालकों का पंजीकरण, नियोजन और पहचान मार्कर जारी करने का काम किया जाएगा। इसके बाद ट्रायल फेज के तहत सिस्टम को जांचा जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधार किए जाएंगे।
चालकों की प्रतिक्रिया
कई ई-रिक्शा चालकों ने नई योजना का स्वागत किया है और इसे कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने का कदम बताया है। उन्हें उम्मीद है कि इससे उन्हें अपने संचालन क्षेत्र में स्थिरता मिलेगी और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं कुछ चालकों ने चिंता जताई है कि नए नियमों से अगर पारिस्थितिक परिवर्तन और सीमाएं कड़ी हो जाएं तो उनकी आमदनी पर असर पड़ सकता है।
यातायात विभाग की भूमिका
यातायात विभाग ने बताया है कि नई प्रणाली में चालकों का स्पष्ट रूट और सेक्टर चिन्ह जोड़कर न सिर्फ सेवा की गुणवत्ता को सुधारा जाएगा, बल्कि नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी। विभाग ने चालकों और नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है।
आगे की राह
प्रशासन का लक्ष्य है कि यह नया सेक्टर सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा सेवा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल बनाया जाए। प्रस्तावित बदलाव से उम्मीद की जा रही है कि इंदौर की इलेक्ट्रिक रिक्शा सेवा एक मिसाल के रूप में उभरेगी जिससे अन्य शहर भी प्रेरित होंगे।








