RRT News- रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में राजधानी के इंडोर स्टेडियम में 'प्रोजेक्ट छाँव' के अंतर्गत एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश भी साझा किया गया। नगर निगम रायपुर के जोन-4 स्वास्थ्य विभाग ने यहाँ पहुँचने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत 'चार डिब्बा सफाई प्रणाली' के बारे में विस्तार से जागरूक किया।
नगर निगम जोन-4 कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस जागरूकता अभियान में बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए नए नियमों के अनुसार, कचरे का पृथक्करण अब चार श्रेणियों में अनिवार्य है। जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर ने शिविर में मौजूद लोगों को चारों डस्टबिन के उपयोग के बारे में जानकारी दी:
हरा डस्टबिन: गीला कूड़ा (रसोई का कचरा आदि)।
नीला डस्टबिन: सूखा कूड़ा (प्लास्टिक, कागज, गत्ता आदि)।
लाल डस्टबिन: सेनेटरी कूड़ा (डायपर, नैपकिन आदि)।
काला डस्टबिन: विशेष देखभाल कूड़ा (इलेक्ट्रॉनिक कचरा, हानिकारक अपशिष्ट)।
जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने अपील की कि नागरिक अपने घरों में इन चारों रंगों के डस्टबिन का उपयोग करें और पृथक-पृथक कचरा ही सफाई मित्रों को दें, ताकि रायपुर को एक स्वच्छ और सुंदर राजधानी बनाया जा सके। इस दौरान कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री गुलाबचन्द्र कर्ष, श्री दीपक देवांगन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रोजेक्ट छाँव का यह शिविर न केवल लोगों की सेहत की जाँच का माध्यम बना, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में भी उभरा।







