Breaking
- Chhattisgarh Hockey League: उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स ने राजधानी र...
- जशपुर से रायपुर का सफर अब होगा बेहद आसान, भारतमाला प्रोजेक्ट से 14 घंटे की दू...
- Raoghat to Raipur Passenger Train: रावघाट-रायपुर पैसेंजर ट्रेन को मिल रहा अच्...
- Raipur Crime News: रायपुर के अमलीडीह इलाके में धर्मांतरण के दबाव का मामला, छो...
- Bastar Malaria Control Fund: बस्तर में मलेरिया से बचाव के लिए मिले 68 करोड़, ...
- Mahila Congress Meeting Raipur: राजीव भवन में हुई छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग...
- President Droupadi Murmu Bastar Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जगदलपुर म...
- Horoscope Today 23 October 2026: जानिए क्या कहते हैं आज आपके सितारे? मिथुन रा...
- Diwali Home Decor Tips 2026: दिवाली पर छोटे घर को दें लग्जरी और मॉडर्न लुक, इ...
- Ola Electric Notice in Chhattisgarh: ओला इलेक्ट्रिक के 3,000 वाहनों का पंजीयन...
Naxal Operation: माओवादियों के अंडरग्राउंड बंकर का भंडाफोड़, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए तलाशी अभियान में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर बनाए गए एक अंडरग्राउंड बंकर को ढूंढ निकाला। इस बंकर का उपयोग माओवादी हथियारों और विस्फोटकों को सुरक्षित रखने के लिए 'डंप' के तौर पर कर रहे थे। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी ने माओवादियों की किसी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।

बंकर की तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने युद्ध स्तर पर इस्तेमाल होने वाले घातक उपकरण बरामद किए हैं। इसमें एक देसी BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), 29 जिंदा BGL शेल, लगभग 50 मीटर कॉर्डेक्स वायर और दो बड़े प्लास्टिक ड्रम शामिल हैं। ड्रमों का उपयोग विस्फोटकों को नमी से बचाने और जमीन के भीतर सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा था। बरामद विस्फोटक सामग्री इतनी शक्तिशाली है कि इससे बड़े पैमाने पर आईईडी (IED) हमले किए जा सकते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह बंकर घने जंगलों के बीच रणनीतिक रूप से बनाया गया था, ताकि सुरक्षा बलों की नजरों से बचा जा सके। इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी और उनके छिपे हुए ठिकानों को लेकर सुरक्षा बल अब और अधिक सतर्क हो गए हैं। इस कामयाबी के बाद आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। बंकर से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब उन माओवादी कैडरों की पहचान करने में जुट गई है, जो इस डंप की निगरानी और संचालन कर रहे थे।







