Breaking

Rare Discovery: पेंड्रा में मिलीं 500 वर्ष पुरानी 'श्रीमद्भागवत गीता' और दुर्लभ पांडुलिपियां

Chhattisgarh 11 May 2026 (31)

post

पेंड्रा (GPM): छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अनमोल खजाना मिला है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित 'ज्ञानभारतम' राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत पेंड्रा क्षेत्र में 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित 'अथ श्रीमद्भागवत गीता' सहित कई अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। ये पांडुलिपियां न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि तात्कालिक समाज, लिपि और संस्कृति के गहरे रहस्यों को भी समेटे हुए हैं।

Advertisement

सर्वेक्षण दल के अनुसार, ये पांडुलिपियां प्राचीन कागजों और पत्तों पर लिखी गई हैं, जिनमें स्याही और लेखन शैली अद्भुत है। 'अथ श्रीमद्भागवत गीता' के अलावा, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद और स्थानीय इतिहास से संबंधित अन्य हस्तलिखित दस्तावेज भी मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंड्रा का क्षेत्र प्राचीन काल से ही ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है, और ये खोज इस तथ्य को और मजबूती प्रदान करती है। इन दस्तावेजों के मिलने से क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

वर्तमान में, इन दुर्लभ पांडुलिपियों के संकलन और संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय की टीम इन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण (Digitization) भी करेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस ज्ञान को सुरक्षित देख और समझ सकें। जिला प्रशासन और स्थानीय इतिहासकारों ने इस खोज को छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। इन पांडुलिपियों के गहन अध्ययन से मध्यकालीन भारत और विशेषकर छत्तीसगढ़ के आंचलिक इतिहास के कई अनछुए पहलुओं के उजागर होने की उम्मीद है।

You might also like!