बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के तहत बंधक बनाए गए 7 पाकिस्तानी सैनिकों का एक मर्मस्पर्शी वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सैनिक ऊबड़-खाबड़ और पथरीले इलाके में जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कहता है, "हम पाकिस्तान के लिए लड़ते हैं और आज पाकिस्तानी सेना हमें अपना नहीं मान रही है।" यह बयान उन दावों के विरोध में आया है जिनमें पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों (ISPR) ने कथित तौर पर कहा था कि उनका कोई भी जवान उग्रवादियों की हिरासत में नहीं है।
BLA ने अपने मीडिया विंग 'हक्कल' के जरिए पाकिस्तान सरकार को 22 फरवरी 2026 तक की अंतिम समय सीमा (Deadline) दी है। संगठन की मांग है कि अगर सरकार इन सैनिकों को सुरक्षित वापस चाहती है, तो उसे जेलों में बंद बलूच कैदियों को रिहा करना होगा। BLA ने चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर कैदियों की अदला-बदली (Prisoner Exchange) पर कोई सार्थक बातचीत शुरू नहीं हुई, तो इन सभी 7 सैनिकों को मौत की सजा (सजा-ए-मौत) दे दी जाएगी।
इस घटना ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहाँ सेना बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन रद-उल-फितना' के जरिए उग्रवादियों को खत्म करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अपने ही जवानों के बंधक होने की खबर पर चुप्पी साधे हुए है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस वीडियो के सामने आने के बाद पाकिस्तान में आम जनता और सैनिकों के परिवारों के बीच भारी आक्रोश है। फिलहाल, 22 फरवरी की डेडलाइन खत्म होने में अब महज 48 से 72 घंटे का समय शेष है, और पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।








