Breaking

इंदौर में नर्मदा जल आपूर्ति पर सवाल, नलों से निकला सीवरेज मिला पानी

National 07 January 2026 (42)

post

इंदौर। स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की पहचान माने जाने वाले इंदौर में नर्मदा जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के कई इलाकों में नलों से ऐसा पानी आया, जिसमें सीवरेज मिलने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पानी में घुलनशील ठोस पदार्थों (TDS) का स्तर 773 तक दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य मानकों से कई गुना अधिक है।

Advertisement

नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में की गई जांच में यह सामने आया कि शुरुआती समय में नलों से काला और बदबूदार पानी निकला। बाद में पानी दिखने में साफ जरूर हुआ, लेकिन गुणवत्ता जांच में वह पीने योग्य नहीं पाया गया। कम क्लोरीन स्तर ने पानी में बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्वों की आशंका को और बढ़ा दिया है।

पाइपलाइन से मिल रहा गंदा पानी

विशेषज्ञों का कहना है कि नर्मदा जल सप्लाई की कई पाइपलाइनें पुरानी हो चुकी हैं और कुछ स्थानों पर ये सीवरेज लाइनों के बेहद करीब से गुजर रही हैं। लीकेज और जॉइंट खराब होने की वजह से नाली का गंदा पानी पीने की लाइन में मिल रहा है। इसी कारण पानी की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।

लोगों की सेहत पर खतरा

दूषित पानी के उपयोग से पेट दर्द, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक इस तरह का पानी पीना बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।

इलाकों में बढ़ी परेशानी

कई कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि रोज सुबह कुछ देर तक नल खोलने पर गंदा पानी बहता है, उसके बाद ही उपयोग लायक पानी मिलता है। मजबूरी में लोग आरओ और बोतलबंद पानी का सहारा ले रहे हैं, जिससे घरेलू खर्च भी बढ़ गया है।

सुधार के दावे, लेकिन सवाल बरकरार

नगर प्रशासन की ओर से पाइपलाइन की जांच और सुधार के आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन नागरिकों का कहना है कि जब तक पूरी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।

You might also like!