RRT News संसद में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के पास न हो पाने से देशभर में उपजा राजनीतिक आक्रोश अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुँच गया है। आज रायपुर में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा ने एक जोरदार 'आक्रोश मार्च' निकाला और कांग्रेस समेत 'इंडी गठबंधन' के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्यों है इतना आक्रोश?
प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह बिल देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों का प्रतिनिधित्व करता था, लेकिन विपक्ष के अड़ियल रवैये ने इसे संसद में फेल कर दिया। बीजेपी ने सीधे तौर पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया है। सीएम विष्णुदेव साय ने भी इस घटनाक्रम पर दुख जताते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
सड़कों पर दिखा महिला शक्ति का प्रदर्शन
रायपुर की सड़कों पर आज बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर उतरीं। "नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" के नारों से पूरा इलाका गूँज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विपक्ष ने न केवल सदन में इस बिल को रोका, बल्कि महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
आगे की क्या है रणनीति?
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। राज्य में पार्टी ने इसे एक बड़े आंदोलन के रूप में लेने की रणनीति बनाई है। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे और कांग्रेस को इस "महिला विरोधी" रवैये के लिए कटघरे में खड़ा करेंगे।
क्या सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी? और क्या कांग्रेस अपने बचाव में कोई बड़ा तर्क दे पाएगी? फिलहाल, इस घटना ने छत्तीसगढ़ की राजनीति का पारा और बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सड़क से संसद तक छिड़ी यह जंग किस दिशा में जाती है।








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