रायपुर: शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरे वनडे मैच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मैदान और स्टार खिलाड़ियों की सुरक्षा का जिम्मा जिन बाउंसरों के हाथों में था, उनमें से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वसीम बाबू और उसके गैंग से जुड़े संदिग्धों को स्टेडियम के संवेदनशील क्षेत्रों (खिलाड़ियों और डगआउट के पास) में तैनात किया गया था। इस खुलासे ने न केवल बीसीसीआई (BCCI) के स्थानीय आयोजकों बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा के साथ हुआ बड़ा खिलवाड़
मैच के दौरान करीब 2,000 पुलिसकर्मियों का बल तैनात था, लेकिन मैदान के अंदरूनी हिस्से में निजी बाउंसरों की कमान ऐसे लोगों के पास थी जिन पर पहले से ही मारपीट और अन्य गंभीर मामले दर्ज हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कैसे जिला प्रशासन और पुलिस ने इन निजी सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों की पृष्ठभूमि (Background) की जांच किए बिना उन्हें इतने करीब जाने की अनुमति दी। इसी सुरक्षा चूक का परिणाम था कि मैच के दौरान एक उत्साहित प्रशंसक बैरिकेड्स तोड़कर मैदान के बीचों-बीच खिलाड़ियों तक पहुँचने में सफल रहा।
मुख्य सचिव का सख्त रुख: अब पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में होने वाले किसी भी मैच या बड़े आयोजन में तैनात होने वाले हर एक बाउंसर का पुलिस वेरिफिकेशन (PCC) अनिवार्य होगा। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों की पूरी सूची और उनका आपराधिक इतिहास मैच से पहले संबंधित थाना क्षेत्र और एसएसपी कार्यालय में जमा करें।
नए सुरक्षा नियम और कड़े इंतजाम
आगामी मैचों (जैसे भारत-न्यूजीलैंड टी20) के लिए प्रशासन ने अब नई रणनीति तैयार की है:
500 से अधिक पुलिसकर्मी और 100 अधिकारी अब सीधे स्टेडियम के भीतर तैनात रहेंगे।
निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रत्येक कर्मचारी को एक क्यूआर-कोडेड (QR-Coded) पास जारी किया जाएगा, जो केवल वेरिफिकेशन के बाद ही सक्रिय होगा।
मैदान में घुसने की कोशिश करने वाले दर्शकों और सुरक्षा में कोताही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अब एक त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र (3-Layer Security) बनाया जाएगा। स्थानीय खेल प्रेमियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, ताकि रायपुर की छवि एक सुरक्षित और बेहतर खेल आयोजन स्थल के रूप में बनी रहे।








