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Raipur MSME Conclave 2.0: दो दिवसीय सम्मेलन में उद्योग विकास, तकनीक और AI पर हुआ मंथन

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित दो दिवसीय MSME Conclave 2.0 रायपुर में संपन्न हुआ। सम्मेलन में नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और एमएसएमई उद्यमियों ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता, तकनीकी क्षमता और सतत औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

उद्योग-अनुकूल नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल शामिल हुए। वक्ताओं ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने, बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों की क्षमता बढ़ाकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने के लिए तकनीक, वित्त और नीतिगत सहयोग को मजबूत करना जरूरी है।
आधुनिक तकनीक और वित्तीय अनुशासन पर चर्चा
CII छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के चेयरमैन बजरंग गोयल और CII छत्तीसगढ़ MSME पैनल के कन्वीनर आदित्य अग्रवाल ने उद्योग जगत की ओर से एमएसएमई इकाइयों में लीन मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय अनुशासन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव के पहले दिन संस्थागत वित्तपोषण, नई औद्योगिक नीति, वेंडर डेवलपमेंट और हरित औद्योगिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इनमें एमएसएमई के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
TPM और ‘Kaizen with AI’ पर विशेष प्रशिक्षण
दूसरे दिन एमएसएमई इकाइयों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से Total Productive Maintenance (TPM) और ‘Kaizen with AI’ पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को औद्योगिक संयंत्रों में ब्रेकडाउन कम करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक इस्तेमाल के जरिए उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
कॉन्क्लेव के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिला।






