राजधानी रायपुर से ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को चौकन्ना कर दिया है। शहर के एक निवासी से ठगों ने होटल बुकिंग और विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) दिलाने के नाम पर कुल 19 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने इतनी बारीकी से जाल बुना कि पीड़ित को बड़ी रकम ट्रांसफर करने तक जरा भी शक नहीं हुआ। जब कॉल और मैसेज का जवाब मिलना बंद हुआ और कथित बुकिंग के सारे दावे खोखले निकले, तब पीड़ित ने थाने का दरवाजा खटखटाया।
इस ठगी के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका है, जो खुद को ट्रैवल कंसल्टेंट और फॉरेक्स एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करता है। पीड़ित को सोशल मीडिया के जरिए 'सस्ती होटल डील्स' और 'मार्केट रेट से कम पर विदेशी करेंसी' का लालच दिया गया था। शुरुआती बातचीत में ठगों ने काफी प्रोफेशनल व्यवहार किया और फर्जी इनवॉइस भी भेजे, ताकि पीड़ित का भरोसा जीता जा सके। इसके बाद टैक्स और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर कई किस्तों में 19 लाख रुपये वसूले गए।
रायपुर की साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन डिजिटल फुटप्रिंट्स की तलाश शुरू कर दी है, जिन्हें ठगों ने पीछे छोड़ा है। पुलिस उन बैंक खातों की डिटेल्स खंगाल रही है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग राज्यों के कई वॉलेट्स में मूव कर दिया गया, जो साइबर अपराधियों का एक पुराना तरीका है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि छुट्टियाँ और त्यौहारों के सीजन में होटल बुकिंग के फर्जी विज्ञापन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर काफी बढ़ जाते हैं।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान शख्स को फॉरेन करेंसी एक्सचेंज के लिए सीधे पैसे न भेजें, क्योंकि इसके लिए आरबीआई (RBI) द्वारा अधिकृत लाइसेंस प्राप्त संस्थान ही वैध हैं। साथ ही, गूगल सर्च पर मिलने वाले रैंडम कस्टमर केयर नंबर्स पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंतरराज्यीय गिरोह के ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।








