बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कड़ी टिप्पणियां की हैं। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान का समुचित मूल्यांकन नहीं किया, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही न केवल न्याय में देरी का कारण बनती है, बल्कि पीड़ित पक्ष के साथ अन्याय भी है।
हाई कोर्ट ने इस मामले में पुनः विचार करने के निर्देश देते हुए कहा कि साक्ष्यों की गहनता से जांच होनी चाहिए और दोषी को उचित सजा दिलाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।
इस फैसले को लेकर अब कानूनी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, वहीं पीड़िता के परिजनों ने हाई कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत किया है।








