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धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों पर महापौर मीनल चौबे की गहरी नाराज़गी: "45 दिनों में काम खत्म करें, अन्यथा कड़ी कार्यवाही...

Chhattisgarh RRT News Desk 08 December 2025

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रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सोमवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वामी आत्मानंद सरोवर (करबला तालाब) में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत ₹1 करोड़ के उद्यान सौंदर्यीकरण और अधोसंरचना मद से स्वीकृत ₹1.44 करोड़ के रिटेनिंग वाल निर्माण की अत्यंत धीमी गति को देखकर महापौर ने मौके पर ही गहरी नाराजगी व्यक्त की।

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ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी: 45 दिन का अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती चौबे ने उद्यान सौंदर्यीकरण के ठेकेदार प्रवीण जैन और रिटेनिंग वाल निर्माण के ठेकेदार कन्हैया गुप्ता को फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि अगले डेढ़ माह (लगभग 45 दिनों) के भीतर शेष बचे सभी प्रगतिरत विकास कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए।

जोन 7 के कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे ने महापौर को बताया कि अब तक लगभग 40 प्रतिशत कार्य ही पूरे हुए हैं, जबकि कार्य की समय सीमा पूर्ण हो चुकी है। निगम द्वारा ठेकेदारों को नियमानुसार अंतिम नोटिस दिया जा चुका है। महापौर के निर्देश पर अब तय समय में काम पूरा न होने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश: बिना निरीक्षण भुगतान नहीं

महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को समय पर और गुणवत्ता सहित पूरा करवाना संबंधित अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है।

"किसी भी विकास कार्य से संबंधित कोई भी देयक (बिल) का संबंधित स्थल की जाँच और निरीक्षण किए बिना भुगतान नहीं किया जाए।"

— श्रीमती मीनल चौबे, महापौर

उन्होंने मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता श्री पी. राजेश नायडू, कार्यपालन अभियंता (योजना) श्री अंशुल शर्मा, सीनियर जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा और कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे को कार्यों की नियमित और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

महापौर ने आगे चेतावनी दी कि कार्य में अत्यधिक विलंब होने और लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कड़ी कार्यवाही की जाएगी, और जरूरत पड़ने पर ठेकेदारों को काली सूची (Blacklist) में भी डाला जाएगा। उन्होंने कहा, "कार्य में कोई लापरवाही अथवा हीला-हवाला कदापि सहन नहीं किया जाएगा।

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