छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया है। CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाया गया भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का 'डंप' बरामद किया है। सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने इस विस्फोटक को जंगल के भीतर डंप करके रखा था, जिसे समय रहते खोज निकाला गया।
बरामद किए गए सामान में सबसे महत्वपूर्ण 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट है, जिसका उपयोग शक्तिशाली आईईडी (IED) बनाने में किया जाता है। इसके अलावा, मौके से बड़ी संख्या में डेटोनेटर, बिजली के तार, दवाइयां और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां भी मिली हैं। नक्सलियों की योजना इस विस्फोटक का उपयोग सुरक्षा बलों के गश्ती दल या निर्माणाधीन सड़कों के पास ब्लास्ट करने की थी। इस बरामदगी ने नक्सलियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोटक डंप सुकमा के सुदूर ग्रामीण अंचल के पहाड़ी क्षेत्रों में छिपाया गया था। CRPF की 150वीं और अन्य बटालियनों की संयुक्त टीम लगातार इन इलाकों में गश्त कर रही है। पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में नक्सलियों की हलचल की खबरें मिल रही थीं, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था। बरामद विस्फोटक को सुरक्षा के लिहाज से वहीं पर सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।
सुकमा पुलिस और सुरक्षा बल अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री नक्सलियों तक कैसे पहुँची। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है क्योंकि सुरक्षा बलों को अंदेशा है कि आसपास और भी ऐसे 'डंप' छिपे हो सकते हैं। इस बड़ी सफलता के बाद पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। नक्सलियों की इस साजिश के नाकाम होने से क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों को और मजबूती मिलेगी।








