छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तांदुला नहर में नहाने के दौरान एक पिता और उसकी बेटी तेज बहाव में बह गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिता अपनी बेटी को नहर में तैरना सिखा रहा था। इसी दौरान अचानक पानी के तेज बहाव और गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में समा गए। आंखों के सामने हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने पिता का शव नहर से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया है। हालांकि, मासूम बेटी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गोताखोरों की टीम लगातार नहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्च अभियान चला रही है, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर नहरों और नदियों में बिना पर्याप्त सुरक्षा के नहाने या तैरने के खतरों को उजागर कर दिया है। अक्सर लोग गर्मियों में राहत पाने के लिए नहरों का रुख करते हैं, जो जरा सी लापरवाही में जानलेवा साबित हो जाता है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि वे खतरनाक घाटों और तेज बहाव वाली नहरों में जाने से बचें, विशेषकर बच्चों को पानी से दूर रखें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और बच्ची की खोजबीन युद्ध स्तर पर जारी है।







