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अनोखी शादी: दूल्हा-दुल्हन ने जलते अंगारों पर चलकर पूरी की रस्में, सदियों पुरानी है आस्था की ये परंपरा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद हैरान करने वाली और अनोखी शादी का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आमतौर पर हिंदू विवाह में अग्नि को साक्षी मानकर उसके सात फेरे लिए जाते हैं, लेकिन रायगढ़ में एक नवदंपति ने अपनी शादी की रस्में पूरी करने के लिए धधकते अंगारों पर चलकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। दूल्हा और दुल्हन द्वारा जलते हुए लाल अंगारों पर नंगे पैर चलने का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग अचंभित रह गए।

जानकारी के अनुसार, आग के अंगारों पर चलने की यह कोई दिखावे के लिए की गई रस्म नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के एक विशेष समुदाय में कई पीढ़ियों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। स्थानीय लोगों और परिजनों का मानना है कि इस तरह की कठिन परीक्षा को पार करने से दांपत्य जीवन में आने वाली हर बाधा दूर होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है। यह रस्म उनके देवी-देवताओं के प्रति अटूट विश्वास और गहरी आस्था का प्रतीक मानी जाती है, जिसे आज की युवा पीढ़ी भी बिना किसी डर के पूरी श्रद्धा के साथ निभा रही है।
इस अनोखे विवाह समारोह में शामिल हुए मेहमानों के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। पूरी पारंपरिक विधि-विधान के साथ इस रस्म को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया, और सबसे बड़ी बात यह रही कि दूल्हा-दुल्हन दोनों बिना किसी नुकसान के पूरी तरह सुरक्षित रहे। रायगढ़ की यह घटना इस बात का एक जीता-जागता प्रमाण है कि आधुनिकता के इस दौर में भी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में सदियों पुरानी मान्यताएं, सांस्कृतिक धरोहरें और अनोखी परंपराएं आज भी पूरी गहराई के साथ जीवित हैं।







