रायपुर। राजधानी रायपुर में वायरल फीवर ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना हजार से अधिक मरीज बुखार, शरीर दर्द, गले में खराश और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस बार वायरल का स्वरूप अलग है, जिसमें मरीज को ठीक होने के बाद दोबारा तेज बुखार आ रहा है।
अस्पतालों की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सबसे ज्यादा मरीज आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल और निजी नर्सिंग होम्स में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कई इलाकों में पूरे परिवार के एक साथ बीमार पड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।
बुखार ठीक होकर फिर लौट रहा
चिकित्सकों का कहना है कि मौजूदा वायरल में शुरुआत में हल्का बुखार और सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, जिससे लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। 2–3 दिन बाद बुखार कुछ समय के लिए उतर जाता है, लेकिन इसके बाद अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द और अत्यधिक थकान के साथ बीमारी दोबारा उभर रही है।
मौसम और प्रदूषण बना कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, ठंड-गर्मी का असर, धूल-प्रदूषण और कमजोर इम्युनिटी इस वायरल के फैलने के प्रमुख कारण हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है।
जांच के बिना दवा लेने से बचें
डॉक्टरों ने लोगों को बिना जांच और बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने से बचने की चेतावनी दी है। कई मरीजों में वायरल के लक्षण डेंगू या अन्य संक्रमण से मिलते-जुलते हैं, इसलिए समय पर ब्लड टेस्ट कराना जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। साथ ही लोगों से साफ-सफाई, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की गई है।
बचाव के लिए क्या करें
पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें
पूरा आराम करें
बुखार 2–3 दिन से ज्यादा रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
बिना पर्ची दवा लेने से बचें
रायपुर में वायरल फीवर की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि सावधानी और समय पर इलाज ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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