RRT News- बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर सहित आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल गया है। भीषण गर्मी के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है, जिससे पारा लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। जहाँ एक ओर आम जनजीवन को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर इस अचानक आई तब्दीली ने स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आसमान में छाए घने बादलों और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है, जो इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। खेतों में खड़ी टमाटर और मक्के की फसल इस बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गई है। तैयार फसल के खेतों में पानी भर जाने और तेज हवाओं के कारण टमाटर की उपज खराब हो रही है, वहीं मक्के की फसल भी खेतों में बिछ गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी मेहनत को आंखों के सामने बर्बाद होते देख काफी हताश नजर आ रहे हैं, क्योंकि इस सीजन में उन्हें बेहतर उपज की पूरी उम्मीद थी।
इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार हो रही बारिश और मौसम की अनिश्चितता के कारण अब फसल के दोबारा संभलने की गुंजाइश बहुत कम नजर आ रही है। स्थानीय किसान अब प्रशासन से नुकसान का त्वरित आकलन करने और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी आर्थिक क्षति की कुछ भरपाई हो सके। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिसके कारण किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता ही अब किसानों के लिए एकमात्र सहारा है।








