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जल संरक्षण से ही टिकाऊ होगी हर घर जल योजना: उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला सरपंचों को दिए जल प्रबंधन के मंत्र

Chhattisgarh RRT News Desk 31 July 2026

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल हर घर तक नल से जल पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल स्रोतों का संरक्षण और वर्षा जल संचय भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन और सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संग्रहण, भूजल रिचार्ज और जल संरक्षण को प्राथमिकता देना होगी।

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नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में अरुण साव ने हर घर जल प्रमाणित गांवों की करीब 100 महिला सरपंचों को संबोधित किया। कार्यशाला का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) के सहयोग से किया।

उप मुख्यमंत्री ने महिला सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद लोगों, विशेषकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने पंचायतों द्वारा जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव, जल स्रोतों की सुरक्षा, जल गुणवत्ता की नियमित जांच और रखरखाव शुल्क की व्यवस्था पर भी चर्चा की।

कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में पाइपलाइन जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत से जुड़ी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) पर विस्तृत चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने अपने-अपने गांवों के अनुभव साझा किए, जबकि विशेषज्ञों ने योजनाओं के सफल और दीर्घकालीन संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की।

अरुण साव ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं का संचालन अब ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को गांववासियों के सहयोग से जलापूर्ति व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसके लिए स्टॉप डैम निर्माण, वर्षा जल संग्रहण, भूजल रिचार्ज तथा तालाबों के प्राकृतिक जल प्रवाह में आने वाले अतिक्रमण हटाने जैसे उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग ही योजनाओं की स्थायी सफलता सुनिश्चित करेगा। यदि आज जल संरक्षण पर ध्यान दिया गया तो आने वाली पीढ़ियों को भी पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कार्यशाला को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, आरजीएनजीडब्ल्यूटीआरआई की निदेशक रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ श्वेता पटनायक ने भी संबोधित किया। इस दौरान प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम, अधीक्षण अभियंता समीर गौड़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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