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मस्जिद की छत पर नमाज पढ़ने वालों को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने दी सभी आरोपियों को जमानत....

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मस्जिद की छत पर सामूहिक नमाज अदा करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी संबंधित आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने के नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया था।

मामला बरेली के एक मोहल्ले का है, जहाँ मस्जिद के भीतर जगह की कमी का हवाला देते हुए कुछ लोग छत पर नमाज पढ़ने लगे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने 'सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने' और 'नियमों के उल्लंघन' की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का तर्क था कि इस तरह खुले में नमाज पढ़ने से सांप्रदायिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां की गई थीं।
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि नमाज मस्जिद परिसर के भीतर (छत पर) ही पढ़ी जा रही थी, जो किसी भी तरह से सार्वजनिक स्थान का अतिक्रमण नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपियों का इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या कानून तोड़ना नहीं था, बल्कि वे केवल अपनी धार्मिक परंपरा का पालन कर रहे थे। लंबी बहस और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों की ओर से बयानबाजी तेज हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने शांति समिति की बैठकें भी बुलाई थीं। कोर्ट के फैसले के बाद क्षेत्र में स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि पुलिस प्रशासन अभी भी एहतियात बरत रहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
कानून के जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर सरकार के सख्त दिशा-निर्देश हैं। ऐसे में यह मामला न केवल धार्मिक स्वतंत्रता बल्कि सार्वजनिक अनुशासन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। फिलहाल, जमानत मिलने से आरोपियों के परिजनों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।







