छत्तीसगढ़ के औद्योगिक केंद्र भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में सुरक्षा संबंधी लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। संयंत्र के भीतर मशीन गिरने से एक मजदूर की दुखद मौत के करीब डेढ़ महीने बाद, पुलिस ने अंततः संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब प्राथमिक जांच में प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और मशीनों के रखरखाव में कमी पाई गई।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा करीब 45 दिन पहले हुआ था, जब कार्यस्थल पर एक भारी मशीन अचानक गिर गई और उसकी चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात मजदूर की जान चली गई। घटना के बाद से ही मजदूर यूनियन और मृतक के परिजन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लंबी जांच और तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 3 महीनों के भीतर BSP प्रबंधन के खिलाफ यह 5वीं FIR दर्ज की गई है। बार-बार हो रहे हादसों और दर्ज हो रही प्राथमिकियों ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के इस प्रतिष्ठित संयंत्र में श्रमिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय यूनियनों का आरोप है कि उत्पादन के दबाव में सुरक्षा नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।
भिलाई पुलिस के अनुसार, इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) और लापरवाही की धाराओं के तहत जांच की जा रही है। पुलिस उन तकनीकी कारणों की भी पड़ताल कर रही है जिनकी वजह से मशीन गिरी। वहीं, भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से अब तक इस ताजा FIR पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन संयंत्र के भीतर आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही जा रही है।
लगातार होती इन घटनाओं ने न केवल श्रमिकों में डर का माहौल पैदा किया है, बल्कि संयंत्र की साख को भी धक्का पहुंचाया है। औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते BSP प्रबंधन ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव नहीं किए, तो आने वाले समय में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल, पुलिस की इस कार्रवाई को पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








