Breaking

Health News: 'घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण', महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने की अपील की

Chhattisgarh RRT News Desk 18 June 2026

post

रायपुर: छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने और जनस्वास्थ्य को एक नई मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद अनूठी और पर्यावरण-हितैषी पहल की शुरुआत की है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ (सहजन) के रोपण को एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। उन्होंने राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और आम नागरिकों से इस वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर मुनगा के पौधे लगाने की भावुक अपील की है।

Advertisement

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस संबंध में एक विशेष पत्र जारी कर ‘‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’’ के प्रभावशाली संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को पूरी तरह सुपोषित बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसरों और योजना के हितग्राहियों के घरों में अनिवार्य रूप से मुनगा के पौधे लगाने की एक वृहद परिकल्पना तैयार की गई है, जिस पर तेजी से अमल शुरू हो गया है।

वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से मुनगा एक अत्यंत पौष्टिक, औषधीय और बहुउपयोगी पौधा माना जाता है। इसकी पत्तियां, फलियां, फूल और अन्य सभी हिस्से इंसानी शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों का खजाना हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘सी’ जैसे आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। पोषण की दृष्टि से असाधारण और जादुई महत्व होने के कारण ही वनस्पति विज्ञान और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे ‘‘मदर ट्री’’ के नाम से भी संबोधित करते हैं।

इस अभियान के तहत यह जानकारी दी जा रही है कि मुनगा का नियमित रूप से सेवन करने पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के पोषण स्तर में तेजी से सुधार होता है। यह न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में होने वाली एनीमिया (खून की कमी) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम में भी एक सुरक्षा कवच की तरह मददगार सिद्ध होता है। कम लागत और बेहद कम रखरखाव में यह पौधा तेजी से बढ़ता है और सालभर पोषण देता है।

श्रीमती राजवाड़े ने सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्रोतों के आसपास, ग्राम पंचायत परिसरों, शासकीय भवनों, सार्वजनिक स्थलों तथा हितग्राहियों के घरों के आंगन में मुनगा पौधों का रोपण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसहभागिता से संचालित होने वाला यह हरित अभियान प्रदेश में सुपोषण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस मुहिम का हिस्सा बनकर ‘‘सुपोषित छत्तीसगढ़’’ के सपने को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने को कहा है।

You might also like!