नई दिल्ली। Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही तंबाकू उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नया टैक्स ढांचा लागू करने की घोषणा की, जिसका असर तुरंत बाजार में दिखाई देने लगा। 1 फरवरी से लागू हुए नए टैक्स सिस्टम के चलते सिगरेट की कीमतों में रातों-रात भारी बढ़ोतरी हो गई है।
अब तक सिगरेट पर 28 प्रतिशत जीएसटी और कंपनसेशन सेस लागू था, लेकिन बजट 2026 में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। नए ढांचे के तहत सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी, हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस के साथ लगभग 40 प्रतिशत प्रभावी जीएसटी लगाया जा रहा है। इस तीन-स्तरीय टैक्स सिस्टम के कारण सिगरेट की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
नई व्यवस्था के बाद जो सिगरेट पहले 10 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत बढ़कर अब 12 से 13 रुपये प्रति सिगरेट हो गई है। वहीं 10 सिगरेट का पैक, जो पहले करीब 100 रुपये में मिलता था, अब ब्रांड और रिटेलर के अनुसार 130 से 140 रुपये में मिलेगा।
टैक्स बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर पड़ा है। 65 से 70 एमएम की सिगरेट पर प्रति स्टिक 3.6 से 4 रुपये अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है, जबकि 70 से 75 एमएम की सिगरेट करीब 5.4 रुपये प्रति स्टिक महंगी हो गई है। नॉन-स्टैंडर्ड और डिजाइनर सिगरेट पर प्रति स्टिक 8.50 रुपये तक की टैक्स बढ़ोतरी की गई है।
बाजार के अनुमानों के मुताबिक कुछ प्रीमियम सिगरेट, जो पहले 15 से 18 रुपये प्रति स्टिक बिकती थीं, अब 70 से 72 रुपये तक पहुंच सकती हैं। सरकार का उद्देश्य सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को महंगा कर इनके सेवन को कम करना है, खासकर युवाओं और नए उपभोक्ताओं के बीच।








