छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के इंडस्ट्रियल एरिया में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कार्बन फैक्ट्री में अचानक केमिकल टैंक फटने से जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी सहम गए। फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे मजदूरों के बीच कुछ पल के लिए मौत का मंजर सा छा गया, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर केमिकल टैंक में तकनीकी खराबी या दबाव के कारण यह हादसा हुआ। जिस समय यह टैंक फटा, उस वक्त कई मजदूर बिल्कुल पास ही काम कर रहे थे। एक पल के लिए ऐसा लगा कि शायद अनहोनी हो गई है, लेकिन मजदूर चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए। अगर धमाका कुछ सेकंड पहले या थोड़ा अलग दिशा में होता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
हादसे की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन और सुरक्षा दल सक्रिय हो गया। फिलहाल इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर कोरबा के औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या मशीनों के मेंटेनेंस में कोई चूक हुई थी? या फिर लापरवाही के कारण यह केमिकल टैंक फटा?
प्रशासन अब इस मामले की जांच में जुटा है। यह हादसा तो टल गया, लेकिन इसने फैक्ट्री में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी दे दी है। क्या अब प्रबंधन अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके? क्षेत्र के लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं।




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