इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के लाखों बकायादार उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना और उन्हें नियमित भुगतान की मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सरचार्ज (अधिभार) में भारी छूट का प्रावधान किया गया है:
सरचार्ज में 100% तक की छूट: योजना के तहत अलग-अलग चरणों में बकाया बिलों पर लगने वाले सरचार्ज (ब्याज) को माफ किया जाएगा।
एकमुश्त भुगतान: यदि उपभोक्ता अपना पूरा बकाया बिल एक साथ जमा करता है, तो उसे सरचार्ज में 70% से 90% (कुछ विशेष श्रेणियों में 100% तक) की छूट मिल सकती है।
किस्तों में भुगतान: जो उपभोक्ता एक साथ राशि नहीं दे सकते, उनके लिए आसान किस्तों का विकल्प होगा, जिसमें सरचार्ज पर 50% से 60% तक की राहत दी जाएगी।
लाभार्थी: इस योजना का लाभ प्रदेश के लगभग 22 लाख से अधिक घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है, जिनका बिल पिछले 13 महीनों या उससे अधिक समय से लंबित है।
समय सीमा: योजना के दूसरे और अंतिम चरण की अवधि को अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
हालिया अन्य महत्वपूर्ण बिजली योजनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में उपभोक्ताओं के लिए कुछ और बड़े फैसले भी लिए हैं:
200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल: प्रदेश के 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को अब 200 यूनिट तक की खपत पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिल रहा है (पहले यह सीमा 100 यूनिट थी)।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सोलर पैनल लगवाने पर राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है (1 किलोवॉट पर ₹15,000 और 2 किलोवॉट या अधिक पर ₹30,000)।








