RRT News- आजकल स्किनकेयर और हेयरकेयर की दुनिया में नेचुरल तरीकों को अपनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसी ट्रेंड में इन दिनों 'वॉटर-ओनली हेयर वॉश' (Water-Only Hair Wash) यानी बिना किसी शैंपू या कंडीशनर के, सिर्फ और सिर्फ साफ पानी से बाल धोने का तरीका काफी लोकप्रिय हो रहा है। कई लोग दावा करते हैं कि केमिकल युक्त शैंपू का इस्तेमाल बंद करने से बालों की सेहत में सुधार होता है। लेकिन क्या वाकई सिर्फ पानी से बाल धोना आपके बालों और स्कैल्प (सिर की त्वचा) के लिए सुरक्षित है? इस विषय पर हेयर एक्सपर्ट्स और डर्मेटोलॉजिस्ट की राय मिली-जुली है, जिसके फायदे और नुकसान दोनों हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे स्कैल्प में नेचुरल ऑयल (सीबम) बनता है, जो बालों को प्राकृतिक रूप से मॉइश्चराइज और सुरक्षित रखता है। जब हम बार-बार केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करते हैं, तो यह प्राकृतिक तेल पूरी तरह से धुल जाता है, जिससे बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। सिर्फ पानी से बाल धोने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह स्कैल्प के नेचुरल ऑयल बैलेंस को बनाए रखता है। इससे बालों का रूखापन कम होता है, बालों की बनावट (टेक्सचर) में सुधार आता है और वे अधिक चमकदार नजर आने लगते हैं। यह तरीका विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनके बाल बहुत अधिक ड्राई या घुंघराले (Curly) हैं।
हालांकि, एक्सपर्ट्स इसके साइड इफेक्ट्स और सीमाओं को लेकर भी आगाह करते हैं। सिर्फ पानी से बालों को धोने पर स्कैल्प में जमा अतिरिक्त तेल, पसीना, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कण पूरी तरह साफ नहीं हो पाते हैं। यदि आपकी ऑयली स्कैल्प है, तो सिर्फ पानी का इस्तेमाल करने से सिर में चिपचिपापन बढ़ सकता है, जिससे डैंड्रफ (रूसी), पोर्स ब्लॉक होने और स्कैल्प इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है। इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि आप पूरी तरह शैंपू बंद करने के बजाय अपनी स्कैल्प के प्रकार को समझें। आप चाहें तो हफ्ते में 1-2 बार केवल पानी से बाल धो सकते हैं, लेकिन सप्ताह में कम से कम एक बार किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू से स्कैल्प की डीप क्लीनिंग करना बेहद जरूरी है।







