रायपुर: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर ने प्रदेश के कई हिस्सों में गर्जना के साथ बारिश और वज्रपात (Lightning) की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चल सकती हैं। विशेष रूप से बस्तर, रायपुर और बिलासपुर संभाग के कुछ जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी प्रबल संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में एक ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य भागों में सबसे ज्यादा दिख रहा है। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस बेमौसम बदलाव ने जहाँ आम जनता को तपती गर्मी से राहत दी है, वहीं खेतों में खड़ी फसलों और खुले में रखे धान के लिए यह चिंता का विषय बन गया है।
IMD के बुलेटिन के अनुसार, 19 और 20 मार्च को मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में भी नमी युक्त हवाओं के कारण छिटपुट बारिश हो सकती है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और आंधी-तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम में आए इस बदलाव का असर अधिकतम तापमान पर भी पड़ा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसत तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम फिर से साफ होने लगेगा और गर्मी का प्रभाव दोबारा बढ़ेगा। फिलहाल, अगले दो दिनों तक प्रदेशवासियों को इसी तरह के अनिश्चित मौसम का सामना करना पड़ सकता है।








