छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत आने वाले बम्हनीडीह ब्लॉक के एक गांव में कथित धर्मांतरण का मामला गरमा गया है। ग्रामीणों और स्थानीय हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि एक निजी घर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन कर भोले-भले ग्रामीणों को चंगाई और अन्य प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से बाहरी व्यक्तियों का गांव में आना-जाना बढ़ गया था। रविवार के दिन आयोजित इस सभा में भारी भीड़ जुटी थी, जिसके बाद ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया। मौके पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वहां से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और धार्मिक पुस्तकें भी मिली हैं। हंगामे की स्थिति को देखते हुए बम्हनीडीह पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभा के आयोजकों और कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने लाया है। थाना प्रभारी का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह आयोजन किसी दबाव या प्रलोभन के तहत किया जा रहा था। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में धर्मांतरण का मुद्दा काफी संवेदनशील रहा है। शासन द्वारा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। यदि जांच में धर्मांतरण की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर आयोजकों का पक्ष है कि वे केवल अपनी मर्जी से प्रार्थना कर रहे थे और किसी पर दबाव नहीं डाला गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है।








