Breaking
- Bharatmala Project Jashpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर म...
- State School Sports Competition 2026: अंबिकापुर में 26वीं राज्यस्तरीय शालेय क...
- Chief Secretaries Conference Preparation: मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन क...
- President Murmu in Bastar Dussehra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की बस्तर दशह...
- Muria Darbar: आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन...
- Chhattisgarh Hockey League: उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स ने राजधानी र...
- जशपुर से रायपुर का सफर अब होगा बेहद आसान, भारतमाला प्रोजेक्ट से 14 घंटे की दू...
- Raoghat to Raipur Passenger Train: रावघाट-रायपुर पैसेंजर ट्रेन को मिल रहा अच्...
- Raipur Crime News: रायपुर के अमलीडीह इलाके में धर्मांतरण के दबाव का मामला, छो...
- Bastar Malaria Control Fund: बस्तर में मलेरिया से बचाव के लिए मिले 68 करोड़, ...
पंचायती राज को मजबूती: छत्तीसगढ़ में जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज रॉयल्टी का हिस्सा, सरकार ने जारी किया आदेश

CG News- छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत अब जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों (Minor Minerals) से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सेदारी दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से जिला पंचायतों के फंड में बढ़ोतरी होगी, जिससे वे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति दे सकेंगे।

इस महत्वपूर्ण निर्णय की शुरुआत राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उस कार्यक्रम में रायपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने यह मांग रखी थी कि जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का एक हिस्सा मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के हित को ध्यान में रखते हुए मंच से ही इसकी घोषणा की थी, जिस पर अब अमल करते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
इस आदेश के अमल में आने से प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधियों में काफी उत्साह है। अब तक गौण खनिज निधि का वितरण अन्य स्तरों पर होता था, लेकिन अब जिला पंचायतों को सीधे हिस्सा मिलने से वे स्थानीय स्तर पर बड़ी और जनोपयोगी विकास परियोजनाओं का खाका तैयार कर सकेंगी। मुख्यमंत्री का यह फैसला जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।







