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सरगुजा में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर आई सामने, व्हाट्सएप विवाद से बढ़ी गुटबाज़ी

Chhattisgarh 04 January 2026

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। संगठनात्मक एकता की बात करने वाली पार्टी के भीतर मतभेद उस समय उजागर हो गए, जब स्थानीय स्तर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह मामला धीरे-धीरे गुटबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया।

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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के हालिया दौरे के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ता नजर आया। इसी दौरान संगठन से जुड़े एक व्हाट्सएप ग्रुप से कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं को हटाए जाने की बात सामने आई। हटाए गए कार्यकर्ताओं ने इसे सुनियोजित कदम बताते हुए नाराजगी जताई और पार्टी नेतृत्व तक शिकायत पहुंचाई।

ग्रुप हटाने से भड़का विवाद

बताया जा रहा है कि ग्रुप से हटाए गए कार्यकर्ता लंबे समय से पार्टी गतिविधियों में सक्रिय थे। अचानक उन्हें बाहर किए जाने से यह संदेश गया कि संगठन के भीतर अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं। यह विवाद सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक हलकों में तेजी से फैल गया।

नेतृत्व की दखल से मामला शांत

विवाद बढ़ने के बाद पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। समझाइश के बाद हटाए गए कार्यकर्ताओं को दोबारा समूह में जोड़ा गया। नेतृत्व ने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहकर संगठन को मजबूत करने की हिदायत दी और आपसी मतभेदों को सार्वजनिक मंच पर न लाने की बात कही।

कार्यकर्ताओं में असंतोष बरकरार

हालांकि औपचारिक रूप से मामला शांत हो गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असंतोष अभी भी देखा जा रहा है। कई नेताओं का मानना है कि यदि समय रहते अंदरूनी खींचतान पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर पड़ सकता है।

राजनीतिक असर की आशंका

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के विवाद पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। संगठनात्मक एकता के अभाव में विपक्ष को हमले का मौका मिलता है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती सरगुजा जैसे अहम क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना है।

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