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इंदौर में दूषित पानी से मचा हाहाकार, भागीरथपुरा में 14वीं मौत, स्वास्थ्य संकट गहराया

इंदौर (मध्य प्रदेश) — शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है। इस मामले में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार बताए जा रहे हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से नलों से आ रहे पानी में बदबू और गंदगी थी। इसी पानी के सेवन के बाद लोगों को उल्टी, दस्त, तेज बुखार और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। हालात बिगड़ने पर बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान कई मरीजों ने दम तोड़ दिया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच चुकी है, हालांकि स्थानीय लोग इससे अधिक मौतों का दावा कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल है और लोग नल का पानी पीने से डर रहे हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में पानी की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी है और टैंकरों के माध्यम से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर‑घर जाकर सर्वे कर रही हैं और बीमार लोगों की पहचान कर उन्हें इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगर निगम ने दूषित पानी की वजह बनी पाइपलाइन और सीवेज लीकेज की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
इस पूरे मामले ने शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग मृतकों के परिजनों को मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







