दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और मेडिकल टीम की सलाह पर दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। अनशन के 21वें दिन शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के 8वें फ्लोर पर शिफ्ट किया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने हेल्थ बुलेटिन में क्या बताया?
सफदरजंग अस्पताल प्रशासन और जांच करने वाले डॉक्टरों की टीम की ओर से सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी किया गया है:
हालत स्थिर लेकिन कमजोरी: डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक उपवास (भूख हड़ताल) पर रहने और शरीर में पानी की कमी (माइल्ड डिहाइड्रेशन) के कारण वांगचुक के शरीर में काफी कमजोरी आ गई है। हालांकि, वे पूरी तरह सचेत (होश में) हैं और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
ब्लड पैरामीटर्स में बदलाव: मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनके मुख्य वाइटल पैरामीटर्स (जैसे ऑक्सीजन स्तर और पल्स) सामान्य हैं, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से उनके ब्लड पैरामीटर्स में थोड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।
वजन में भारी गिरावट: अनशन के कारण उनके शरीर का वजन तेजी से गिरा है (करीब 20% तक की कमी आई है) और मांसपेशियों पर भी इसका शारीरिक स्ट्रेस साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों की 'मल्टी-डिसिप्लिनरी' टीम रखेगी नजर
लंबे समय के उपवास से शरीर पर पड़ने वाले सिस्टमिक असर और अंदरूनी खिंचाव को देखते हुए अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि उन्हें चौबीसों घंटे कड़ी मेडिकल केयर की जरूरत है। इसके लिए विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम का गठन किया गया है, जो लगातार उनके ब्लड टेस्ट, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी स्वास्थ्य मानकों की बारीकी से निगरानी कर रही है ताकि उनके बॉडी पैरामीटर्स को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।







